गौ सेवा, धर्म और संस्कृति का महाकुंभ: अहमदगढ़ में सर्वदुःख भंजन गौ माता महायज्ञ एवं श्रीकृष्ण कथा का शुभारंभ

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हरिद्वार से पधारे पूज्य स्वामी अकामानंद जी महाराज के सान्निध्य में निकली विशाल भव्य कलश एवं पोथी शोभायात्रा, श्रद्धालुओं ने जयकारों से भक्तिमय किया वातावरण
अहमदगढ़ में पहली बार मलमास पर गूंजा गौभक्ति और श्रीकृष्ण कथा का स्वर,

अहमदगढ़, 7 जून (राकेश जोशी): भारतीय संस्कृति, गौ संरक्षण और सनातन परंपराओं के संवर्धन हेतु अहमदगढ़ की पावन धरा पर पहली बार पुरुषोत्तम ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष (मलमास) के शुभ अवसर पर आयोजित सर्वदुःख भंजन गौ माता महायज्ञ, भगवान श्रीकृष्ण एवं गौ माता कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन बड़े भव्य शुभारंभ के साथ हुआ। इस अवसर पर हरिद्वार से पधारे कथा व्यास पूज्य स्वामी अकामानंद जी महाराज के नेतृत्व में श्री हनुमान मंदिर से कथा स्थल तक विशाल कलश एवं पोथी यात्रा निकाली गई, जिसमें शहर के धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कलश यात्रा में महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर मंगल गीत गाए, जबकि श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण और गौ माता के जयकारों के साथ नगर की विभिन्न गलियों से होते हुए कथा स्थल तक पहुंचे। पूरे मार्ग में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
यह नौ दिवसीय कथा एवं महायज्ञ गौशाला अहमदगढ़ (रेलवे फाटक के निकट) में आयोजित किया जा रहा है, जहां हरिद्वार से पधारे कथा व्यास परम पूज्य स्वामी अकामानंद जी महाराज अपने मुखारविंद से श्रीकृष्ण एवं गौ माता की महिमा का रसपान कराएंगे। कथा प्रतिदिन सायं 7:30 बजे से प्रभु इच्छा तक चलेगी।
आयोजकों ने बताया कि पुरुषोत्तम मास को सनातन धर्म में अत्यंत पुण्यकारी और आध्यात्मिक उन्नति का काल माना जाता है। इसी पावन अवसर पर गौवंश के मध्य आयोजित यह कथा और महायज्ञ श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कृति, सेवा, करुणा और गौ संरक्षण का संदेश देगा। विशेष बात यह है कि अहमदगढ़ में पहली बार मलमास के दौरान गौशाला परिसर में इस प्रकार का विराट धार्मिक आयोजन किया जा रहा है।
गौशाला कमेटी, त्रिमूर्ति कला मंच, धर्म प्रचार समिति तथा सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण करें, गौ सेवा का पुण्य प्राप्त करें तथा भारतीय संस्कृति की इस अमूल्य धरोहर से जुड़ें। श्रद्धा, संस्कृति और गौ सेवा का यह संगम आने वाले नौ दिनों तक अहमदगढ़ को भक्ति और आध्यात्मिक चेतना के रंग में रंगे रखेगा।